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क्या रंग ला रही है यह मुहिम, एक तरफ भारत जोड़ो, दूसरी तरफ कांग्रेस छोड़ो ,कांग्रेस के अंदरूनी हालात बड़े अजब-गजब,

 

खबर आपतक उत्तराखंड

देहरादून

  • डेली गेस्टस की सूची पर छिड़ा महासंग्राम,   मयूख महर और प्रीतम के बेटे का इस्तीफा
  • केंद्रीय स्तर के बड़े—बड़े दिग्गज नेताओं से लेकर तमाम राज्यों में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर भाग रहे
  • 210 सदस्यीय डेलिगेट्स की सूची को लेकर इन दिनों प्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है।

एक समय देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी रही कांग्रेस के अंदरूनी हालात बड़े अजब गजब हैं। केंद्रीय स्तर के बड़े—बड़े दिग्गज नेताओं से लेकर तमाम राज्यों में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर भाग रहे हैं वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हुए हैं जिनका कहना है कि वह आम भारतीय लोगों के बीच जाकर कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत बनाएंगे।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस का हाल भी कुछ अलग नहीं है। पीसीसी द्वारा जारी की गई 210 सदस्यीय डेलिगेट्स की सूची को लेकर इन दिनों प्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस विधायक मयूख महर द्वारा पीसीसी की मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया गया वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व नेता विपक्ष प्रीतम सिंह के बेटे ने भी पीसीसी से इस्तीफा दे दिया है।

खास बात यह है कि कांग्रेस के अंदर जो कुछ प्रदेश में चल रहा है वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा खासे नाराज हैं उनका कहना है कि यह कैसे निष्ठावान कांग्रेसी हैं जो अपनी बात पार्टी प्लेटफार्म पर न रखकर सोशल मीडिया में रख रहे हैं? उनका कहना है कि डेलीगेस्ट की सूची में रखे गए नामों को लेकर जो आपत्तियां जताई जा रही है वह गलत है उनका कहना है कि हरीश रावत और उनकी बेटी को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। हरीश रावत वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हैं और उनकी बेटी विधायक है वैसे यशपाल आर्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हैं और उनका बेटा पूर्व विधायक है उन्हें कैसे छोड़ा जा सकता था।

उधर इस मुद्दे पर हरीश रावत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है उन्होंने कहा कि अगर लोगों को आपत्ति है तो उनका और यशपाल आर्य का नाम हटा देना चाहिए दो जगह खाली हो जाएगी और दो नए नाम जोड़े जा सकते हैं। उनका कहना है कि उन्हें और आर्य को इससे क्या फर्क पड़ता है वह इसकी राजनीति में नहीं पड़ना चाहते प्रदेश अध्यक्ष खुद इस मामले को संभाल लेंगे।प्रदेश कांग्रेस के अंतर कलह के कारण पार्टी को बीते एक दशक में जो नुकसान हुआ है उससे कांग्रेस के नेता बखूबी वाकिफ है। लेकिन कांग्रेस की अंदरूनी कलह है कि कहीं भी थमती नहीं दिख रही है। बात चाहे सीएम के चेहरे को लेकर हो या नेता विपक्ष को लेकर हर मुद्दे पर तकरार ही तकरार बनी रहती है। अभी गोवा में कांग्रेस के तमाम विधायक छोड़कर भाजपा में चले गए केंद्रीय नेता गुलाम नबी ने कांग्रेस से दामन झटक लिया अब हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी कह रही हैं कि राहुल व सोनिया गांधी के पास कांग्रेस नेताओं के लिए समय नहीं है। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस इसी तरह से भारत को अपने साथ जोड़ पाएगी जब अपने ही कांग्रेस छोड़ो अभियान पर हैं।

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Author: News Aap Tak

Chief Editor News Aaptak Dehradun (Uttarakhand)

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