News Aap Tak

Bengali English Gujarati Hindi Kannada Punjabi Tamil Telugu
News Aap Tak
[the_ad id='5574']

कोरोना वैक्सीन अपडेट मिक्स एंड मैच करके लगाई जा सकती है ,कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज …..? केंद्र सरकार का फैसला संभव

न्यूज़ आपतक उत्तराखंड,

केंद्र सरकार वैक्सीन के बूस्टर डोज (Booster dose) को लेकर खास योजना बना रही है.

भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं. इसको देखते हुए केंद्र सरकार वैक्सीन के बूस्टर डोज (Booster dose) को लेकर खास योजना बना रही है. बताया जा रहा है कि सरकार अगले दो सप्ताह में वेल्लोर में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज द्वारा तैयार किए जा रहे ट्रायल डेटा के आधार पर यह तय करेगी कि पहले से अप्रूव कोविड-19 टीकों की बूस्टर खुराक को मिक्स और मैच करना है या नहीं. पिछले साल मई में उत्तर प्रदेश में 20 ग्रामीणों को गलती से कोविशील्ड (Covishield) की पहली और कोवैक्सिन की दूसरी खुराक मिल गई थी. बाद में जांच की गई तो पता चला कि इनमें 17 लोगों से बेहतर प्रतिक्रिया मिली.

वेल्लोर में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज को पिछले साल अगस्त में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) द्वारा टीके के बूस्टर डोज के लिए क्लीनिकल ट्रायल कराने की मंजूरी मिली थी. मामले से परिचित लोगों के अनुसार, टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) ने अपनी पिछली बैठक में एंटीबॉडी को निष्क्रिय करने पर अधिक डेटा मांगा था. शोधकर्ताओं ने इसके लिए अतिरिक्त धन जुटाने के बाद आगे के परीक्षण करने की मंजूरी के लिए फिर से स्वास्थ्य मंत्रालय के पास आवेदन किया था.
‘हम वायरस के अन्य हिस्सों में एंटीबॉडी को मापने में सक्षम होंगे’
वैक्सीन की इस स्टडी की अगुवाई कर रहे सीएमसी वेल्लोर के वरिष्ठ वैक्सीन विशेषज्ञ और फैकल्टी गगनदीप कांग ने कहा, ‘स्वास्थ्य मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी की अनुमति के बाद हम वायरस के अन्य हिस्सों में एंटीबॉडी को मापने में सक्षम होंगे, साथ ही हम वेरिएंट के विभिन्न स्पाइक प्रोटीन के लिए एंटीबॉडी को निष्क्रिय करने वाले सरोगेट में अंतर का आकलन करने में भी सक्षम होंगे.’
शुरुआत में मिक्स बूस्टर डोज अच्छा नतीजा देते हैं- स्टडी
परीक्षण किए जा रहे टीके कोविशील्ड की पहली खुराक हैं, और कोवैक्सिन बूस्टर खुराक के रूप में हैं. इन दोनों टीकों को बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत लगाया जा रहा है. इस मामले से परिचित लोगों के अनुसार, अध्ययन के प्रारंभिक निष्कर्ष बेहतर प्रतिक्रिया दिखाते हैं जब मिक्स बूस्टर डोज दी जाती है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पुणे (आईसीएमआर-एनआईवी) ने भी कोविशील्ड के मिक्स टीकाकरण की सुरक्षा का विश्लेषण किया है.

News Aap Tak
Author: News Aap Tak

Chief Editor News Aaptak Dehradun (Uttarakhand)

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on telegram
Telegram