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चुनाव में भाजपा नेताओं को हार का डर,मोदी लहर में भितरघात का आरोप .पार्टी में भूचाल

न्यूज़ आपतक उत्तराखंड

मोदी लहर पर पार्टी की अंदरूनी अंतर्कलह भारी,

उत्तराखंड में जनता के बीच पीएम मोदी की एक अलग छवि बनी हुई है, जिसके बदौलत 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में भाजपा पर जनता ने विश्वास जताते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद भाजपा में भितरघात की जिस तरह की खबरें आ रही है, ऐसे में मोदी लहर पर पार्टी की अंदरूनी अंतर्कलह भारी पड़ती नजर आ रही है।
भाजपा द्वारा उत्तराखंड में पहले अबकी बार 60 पार का नारा दिया गया था, जिसे चुनाव से कुछ समय पहले बदल दिया गया। वहीं टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी ने अंतर्कलह खुलकर सामने आई और कुछ नेताओं ने निर्दलीय नामांकन कराया। जिसके बाद भाजपा ने बागी हुए रुद्रपुर के विधायक राजकुमार ठुकराल, टीका प्रसाद मैखुरी, महावीर सिंह रंगड, जितेंद्र नेगी, धीरेंद्र चौहान और मनोज शाह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
पांचवीं विधानसभा चुनाव के लिए 14 फरवरी को हुए मतदान के बाद भाजपा के कई नेताओं ने भितरघात का आरोप लगाया। केन्द्रीय नेतृत्व की सख्ती के बावजूद उत्तराखंड बीजेपी में भितरघात की जंग थमती नजर नहीं आ रही। भाजपा से लक्सर विधायक संजय गुप्ता ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर, विधायक कैलाश गहतोड़ी और हरभजन सिंह चीमा ने भी अपने अपने क्षेत्रों में पार्टी के पदाधिकारियों पर अपने खिलाफ काम करने और भितरघात के आरोप लगाए थे। जिससे पार्टी में भूचाल आ गया था। अभी यह मामला ठंडा नहीं पड़ा था कि यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने भी भितरघात का आरोप लगा दिए।
उत्तराखंड की राजनीति में 2017 विधानसभा चुनाव तक जहां कांग्रेस-बीजेपी ही मुकाबला माना जाता था, वहीं इस बार तीसरे विकल्प के रुप में आम आदमी पार्टी तथा उत्तराखंड क्रांति दल की मजबूती से दोनों पार्टियों के लिए सत्ता की राह की मुश्किलें बढ़ा दी। ऐसे में भितरघात कितना बड़ा नुक़सान पहुंचाया है यह तो आने वाले दिनों में पता चल जाएगा। 2017 के मुकाबले 2022 में मोदी लहर का प्रभाव कम होता नजर आ रहा है, ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या वाकई भितरघात चल रही या मोदी लहर के सहारे बैठे उत्तराखंड के भाजपा नेताओं को अपनी हार का अंदेशा हो गया है। उम्मीद है कि 10 मार्च तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वहीं मतदाताओं ने किस पर अपना विश्वास जताया, यह कहना किसी भी पार्टी के लिए मुश्किल नजर आ रही आ रहा है।

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Author: News Aap Tak

Chief Editor News Aaptak Dehradun (Uttarakhand)

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