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आखिर क्यों…? आशंकाओं का बाजार गर्म है, पार्टी छोड़ सकते हैं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय,

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आखिर क्यों…? आशंकाओं का बाजार गर्म है,  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय,पार्टी छोड़ सकते हैं 

कांग्रेस पार्टी के भीतर अंतर्कलह  को लेकर एक बड़ा मोड़ और देखा जा रहा है. भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रहलाद जोशी  के साथ किशोर उपाध्याय की मुलाकात के बाद एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस अपने एक वरिष्ठ नेता को गंवा सकती है? उत्तरकाशी में बीजेपी को बड़ा झटका लग चुका है एक पूर्व MLA के कांग्रेस में जाने की खबरें रही हैं, लेकिन अब कांग्रेस के पूर्व विधायक के पार्टी छोड़ने की खबरों का पूरा अर्थ और माजरा क्या है? ये भी जानिए कि उपाध्याय किन पार्टियों के संपर्क में हैं.
अरुण सिंहनई दिल्ली/देहरादून. उत्तराखंड के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की नाराज़गी का अंजाम कांग्रेस छोड़ना हो सकता है. विधानसभा चुनाव के कुछ ही हफ्तों पहले जब राज्य में राजनीतिक पार्टियों का चुनाव अभियान ज़ोरों पर है, तब गांधी परिवार के करीबी कहे जाने वाले ब्राह्मण नेता किशोर उपाध्याय के कांग्रेस छोड़ने की पूरी संभावना नज़र आ रही है. उनकी नाराज़गी की बड़ी वजह कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का उनके प्रति उदासीन रवैया बताया जा रहा है. एक तरफ उपाध्याय अब आलाकमान के रुख का इंतज़ार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कई पार्टियों के साथ मुलाकातें भी.
भाजपा के नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से सोमवार देर रात देहरादून में उपाध्याय ने मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उपाध्याय को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. हालांकि पिछले कई दिनों से किशोर उपाध्याय अपने विधानसभा क्षेत्र टिहरी गढ़वाल में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा चुके हैं और कई तरह के कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए अपनी चुनावी स्थिति को मज़बूत करने में जुटे हैं. अब उन्होंने खुलकर कांग्रेस से नाराज़गी का इज़हार कर दिया है और अन्य दलों से मुलाकात के बाद वह किसी बड़े फैसले पर पहुंच सकते हैं.
कई पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं उपाध्याय बताया जा रहा है कि उपाध्याय भाजपा के अलावा सपा और तृणमूल कांग्रेस के सम्पर्क में भी हैं. हरीश रावत की तरफ से अनदेखी से नाराज़ चल रहे उपाध्याय फिलहाल कांग्रेस आलाकमान की मध्यस्थता का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन चुनावी हलचलों के दौर में स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस ने अगर जल्द ही इस तरफ कोई बीच बचाव नहीं किया तो पार्टी को एक बड़ा झटका लग सकता है.

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Author: News Aap Tak

Chief Editor News Aaptak Dehradun (Uttarakhand)

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