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सरल स्वभाव और मधुर भाषी व्यक्तित्व , नेतृत्व प्रदान करेगा यमुनोत्री विधानसभा को

न्यूज़ आपतक उत्तराखंड

यमुनोत्री विधानसभा

यमुनोत्री में फिर से कमल खिलाने की उम्मीदों का दावेदार रामसुन्दर नौटियाल
दो महीनों में विषम परिस्थितियों की विधानसभा के 177 बूथों तक पहुंचकर केंद्र व राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन जन तक पहुंचाई
रामसुन्दर नौटियाल राज्यमंत्री समेत संगठन के हर जिम्मेदारी का कर चुके हैं सफल निर्वहन
ब्यूरो, चिन्यालीसौड़: विधानसभा चुनाव सिर पर हैं, राज्य में किसकी सरकार बनेगी कौन विपक्ष में बैठेगा इस सवाल के तमाम जवाब हैं लेकिन कुछ प्रत्याशी है जो पार्टी और अपनी जीत के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं, उनकी मेहनत को पार्टी हाईकमान भी नजरअंदाज न कर सके।
यमुनोत्री विधानसभा से भाजपा के सशक्त दावेदार रामसुन्दर नौटियाल अकेले ऐसे दावेदार हैं जो यमुनोत्री विधानसभा के 177 बूथों तक पहुंचकर ग्रामीणों, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर भाजपा के 2022 के मूल मंत्र बूथ जीता तो विधानसभा जीता को पूरा करने में जुटे हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री काल में राज्यमंत्री के दायित्व से नवाजे गये रामसुन्दर नौटियाल ने प्रदेश कार्यकारणी, जिला अध्यक्ष समेत भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। करीब तीन दशक तक विभिन्न मीडिया प्रकाशनों के लिए पत्रकारिता की है। 2022 में यमुनोत्री विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी की ओर से दावेदारी कर रहे हैं, इससे पूर्व 2002, 2007, 2012, 2017 में भी दावेदारी कर चुके हैं लेकिन चूकते रहे लेकिन इनके आगे रहे सारे नेताओं को भाजपा आजमा चुकी है और उनके चेहरे के भरोसे यमुनोत्री में मात भी खा चुकी है। 2002 में सुलोचना देवी को टिकट देकर 15 फीसद वोट ही पार्टी हासिल कर सकी तो 2007 में विमला नौटियाल को टिकट देकर 15 फीसद के करीब ही वोट प्राप्त कर तीसरे नंबर पर रही। 2012 में जगवीर भंडारी को भाजपा ने टिकट देकर 27 फीसद मत पाकर तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। 2017 में कांग्रेस के विधायक केदार सिंह रावत को टिकट देकर पार्टी ने पहली जीत यमुनोत्री में दर्ज की। लेकिन, केदार सिंह रावत के खिलाफ संगठन डटकर खड़ा है। आलम यह है कि उत्तरकाशी के यमुनोत्री विधानसभा का भाजपा संगठन लिखित रूप से केदार सिंह रावत के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज करवा चुका है।
ऐसे में भारतीय जनता पार्टी को रामसुन्दर नौटियाल के रूप में एक बेहतर विकल्प मिल सकता है। एक तो मतदाताओं के लिहाज से 70 फीसद मतदाताओं के गढ़ गंगा घाटी से तालुक्क रखने वाले रामसुन्दर नौटियाल एक स्वच्छ छवि के व्यक्ति माने जाते हैं, पार्टी संगठन में मजबूत स्थिति रखने वाले रामसुन्दर नौटियाल क्षेत्र की समस्याओं को लेकर तीन दशक से पत्रकारिता और भाजपा संगठन के जरिए अखबार से सड़क तक प्रतिनिधि के रूप में सामने रहे हैं।


दूसरी ओर यमुनोत्री विधानसभा में मतदाताओं के लिहाज से 70 फीसद वोट बैंक वाले गंगा घाटी से ज्यादातर भाजपा प्रत्याशियों समेत अन्य दलों के प्रत्याशियों का समर्थन भी रामसुन्दर नौटियाल को है। अब तक गंगा घाटी से किसी भी प्रत्याशी ने दावेदारी नहीं की है। भाजपा के तीन पूर्व जिलाध्यक्ष बताते हैं कि यमुनोत्री विधानसभा की 70 फीसद वोट बैंक वाली आबादी व नेता इस बार रामसुन्दर नौटियाल के पक्ष में खड़े होकर अपने प्रतिनिधित्व का मोह छोड़ कर खड़े हैं।
वैसे भी यमुनोत्री विधान सभा के हर बूथ तक पहुंचकर रामसुन्दर नौटियाल एक बड़ी बढ़त तो बना चुके हैं।

विकास है मुद्दा, विकास पर ही लडूंगा
रामसुन्दर नौटियाल बताते हैं कि वह विकास के मुद्दे पर ही लड़ेंगे। रामसुन्दर नौटियाल कहते हैं कि केंद्र में मोदी सरकार व राज्य में पुष्कर धामी जी के नेतृत्व में राज्य के विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं लेकिन यमुनोत्री विधानसभा की गंगा घाटी समेत यमुना घाटी के कई गांवों में अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है, बड़ी आबादी को सड़क, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना बाकी है और इसके लिए लड़ाई लड़ूंगा।
अपनी दावेदारी पर वह बताते हैं कि पार्टी ने उन्हें बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक की जिम्मेदारियां दी है और पार्टी के सच्चे समर्पित कार्यकर्ता के तौर पर मैंने सभी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है और ऐसे में गंगा घाटी की 70 फीसदी मतदाताओं को केंद्र में रखकर ही मैं दावेदारी कर रहा हूं।

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Author: News Aap Tak

Chief Editor News Aaptak Dehradun (Uttarakhand)

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